बिहार के बाढ़ क्षेत्र में कथित पकड़ौआ विवाह का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बेगूसराय निवासी एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसे बंधक बनाकर मारपीट की गई और उसकी इच्छा के विरुद्ध बड़ी बहन से शादी करा दी गई। वहीं युवती का दावा है कि दोनों ने अपनी सहमति से विवाह किया है। मामले को लेकर कोर्ट परिसर में भी जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बेगूसराय निवासी नीतीश कुमार की करीब दो महीने पहले हाथीदह की रहने वाली सीता देवी से पहचान हुई थी। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत होती रही। बुधवार को सीता देवी ने नीतीश कुमार को कॉलेज से घर छोड़ने के लिए बुलाया। युवक का आरोप है कि घर पहुंचते ही उसे परिजनों ने बंधक बना लिया। उसने आरोप लगाया कि रात भर उसके साथ मारपीट की गई और अगले दिन गांव के एक मंदिर में जबरन सीता देवी के साथ उसकी शादी करा दी गई।
नीतीश कुमार का कहना है कि वह सीता देवी की छोटी बहन ईशा से शादी करना चाहता था, लेकिन परिवार वालों ने उसकी इच्छा के खिलाफ बड़ी बहन से विवाह करा दिया। दूसरी ओर, सीता देवी ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शादी दोनों की सहमति से हुई है और किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया।
मामला उस समय और गर्मा गया जब दोनों पक्ष कोर्ट मैरिज के लिए बाढ़ सिविल कोर्ट पहुंचे। यहां नीतीश कुमार ने विवाह पंजीकरण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा शुरू हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाह वास्तव में दोनों की सहमति से हुआ था या युवक के आरोपों के अनुसार उसके साथ जबरदस्ती की गई। मामले ने एक बार फिर बिहार में पकड़ौआ विवाह की पुरानी घटनाओं की चर्चा को हवा दे दी है।





