विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू होने में अब महज़ 22 दिन शेष रह गए हैं। इसे देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन ने सुल्तानगंज में युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। नमामि गंगे घाट, अजगैविनाथ गंगा घाट, अजगैविनाथ मंदिर परिसर और रेलवे स्टेशन सहित पूरे मेला क्षेत्र को श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, ताकि देशभर से आने वाले लाखों कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की ओर से नमामि गंगे घाट पर बैरिकेडिंग, सूचना बोर्ड, होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। साथ ही भगवान भोलेनाथ की आकर्षक कलाकृतियों से पूरे घाट क्षेत्र को सजाया जा रहा है। उद्घाटन स्थल को भी विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बनाए जा रहे जर्मन हैंगर टेंट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
अजगैविनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इस बार भक्तों के लिए व्यवस्थित तरीके से अर्घा के माध्यम से जल अर्पित करने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे भीड़ प्रबंधन बेहतर हो सके और श्रद्धालु सुगमता से पूजा-अर्चना कर सकें।
जिला प्रशासन का दावा है कि इस बार कांवरियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। जर्मन हैंगर टेंट में ठहरने की व्यवस्था के साथ भोजन, शुद्ध पेयजल, बिजली, शौचालय, चिकित्सा सुविधा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी व्यवस्था की जा रही है। पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
वहीं रेलवे प्रशासन भी श्रावणी मेला को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन परिसर को सजाया जा रहा है। स्टेशन पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती, कांवरियों के ठहराव स्थल, स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधा, यात्री सहायता केंद्र और भीड़ नियंत्रण की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
प्रशासन का उद्देश्य है कि इस वर्ष श्रावणी मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी यात्रा और बाबा भोलेनाथ की पूजा का अनुभव सुखद बन सके।






