चास नगर निगम क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के किनारे स्थित सरकारी जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। चास के मेयर भोलू पासवान ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि भू-माफियाओं का एक संगठित गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे खेल में कुछ सरकारी कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध है।
मेयर भोलू पासवान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चास अंचल कार्यालय और रजिस्ट्री विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीन की रजिस्ट्री कराई गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय है, जिसने लंबे समय से सरकारी जमीन को निजी संपत्ति बताकर लोगों को बेचने का काम किया है।
मेयर के अनुसार अब तक इस पूरे मामले में करीब 15 से 16 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इन सभी के खिलाफ चास नगर निगम की ओर से जल्द ही प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे हुई सभी जमीनों की रजिस्ट्री की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि जांच में फर्जी दस्तावेज, जाली कागजात या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेयर ने इस पूरे मामले की जानकारी बोकारो के उपायुक्त (डीसी) को पत्र लिखकर दी है और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मेयर के इस खुलासे के बाद बोकारो में सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री का मामला चर्चा का विषय बन गया है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह जिले में सरकारी जमीन घोटालों के सबसे बड़े मामलों में से एक हो सकता है।
संवाददाता: चंदन सिंह, बोकारो






