सहरसा सदर के विधायक एवं इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता उर्फ आईपी गुप्ता ने रविवार (5 जुलाई 2026) को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर तांती-ततवा, पान समाज, लंबित सरकारी भर्तियों तथा शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार से इन मामलों में शीघ्र हस्तक्षेप कर प्रभावित अभ्यर्थियों और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की।
आईपी गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के समक्ष उन्होंने उन अधिसूचनाओं को निरस्त करने की मांग रखी, जिनके कारण तांती, ततवा और पान समुदाय के कई अभ्यर्थियों की प्रक्रियारत नियुक्तियों में श्रेणी (कैटेगरी) परिवर्तन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की गलत व्याख्या के कारण हजारों योग्य अभ्यर्थी नौकरी से वंचित होने की स्थिति में हैं। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की समीक्षा कर पूर्व की व्यवस्था बहाल करने का आग्रह किया।
उन्होंने पान जाति को उसका पूर्व का सामाजिक दर्जा बहाल करने की भी मांग की। साथ ही कहा कि पान समाज के जिन अभ्यर्थियों ने सामान्य वर्ग अथवा अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के निर्धारित कट-ऑफ के बराबर या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें नियुक्ति का लाभ दिया जाए ताकि किसी योग्य उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो।
बैठक के दौरान आईपी गुप्ता ने पूर्णिया मेडिकल कॉलेज से निष्कासित पान समाज की छात्रा अनुसूरिया कुमारी का मामला भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। उन्होंने छात्रा का नामांकन पुनः बहाल कराने और उसके भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की। इसके अलावा इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) के लिए एक स्थायी कार्यालय उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।
आईपी गुप्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका ज्ञापन स्वीकार करते हुए सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। अब प्रभावित अभ्यर्थियों, छात्रों और संबंधित समाज के लोगों की नजर सरकार के आगामी निर्णय पर टिकी है। यदि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक कदम उठाती है तो हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
संवाददाता : इन्द्रदेव जी





