भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: प्रशासन की रोक के बाद जगदीशपुर की बहुजन महापंचायत स्थगित, नई तारीख बाद में होगी घोषित

जगदीशपुर (भोजपुर): भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर रविवार को भोजपुर के जगदीशपुर में प्रस्तावित बहुजन महापंचायत को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। आयोजन समिति ने प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने और कार्यक्रम स्थल के आसपास धारा 144 लागू किए जाने के बाद यह फैसला लिया। समिति के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से महापंचायत टालने पर सहमति जताई।

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रदेश महासचिव रणविजय सिंह उर्फ बड़क कुशवाहा ने बताया कि प्रशासनिक आदेश का सम्मान करते हुए महापंचायत फिलहाल स्थगित की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संविधान और कानून में विश्वास करती है, इसलिए प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद ही नई तिथि घोषित की जाएगी। साथ ही समर्थकों और आम लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।

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दरअसल, 5 जुलाई को जगदीशपुर के बिहारी सिंह टोला खेल मैदान में महापंचायत आयोजित होनी थी। प्रशासन का कहना था कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है, जिससे कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो सकता है। इसी आधार पर अनुमंडल प्रशासन ने पहले दी गई अनुमति वापस ले ली।

इस महापंचायत में केंद्रीय मंत्री जीतन राममांझी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। हालांकि, आईबी की एक गोपनीय रिपोर्ट के बाद उन्होंने कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने भी आयोजन की अनुमति रद्द कर दी।

गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर में भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए थे और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना से पहले भरत तिवारी का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह कथित तौर पर हथियार फेंककर सरेंडर करता दिखाई देता है। इसके बावजूद गोली चलाने का आरोप पुलिस पर लगाया गया।

मामले में सरकार ने कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन परिजन अब भी निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। इसी मुद्दे को लेकर प्रस्तावित बहुजन महापंचायत आयोजित की जानी थी, जिसे फिलहाल प्रशासनिक कारणों से स्थगित कर दिया गया है।

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