बिहार के सहरसा में एक नाई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को सदर अस्पताल में 45 वर्षीय श्याम ठाकुर को गंभीर अवस्था में लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतक की पहचान श्याम ठाकुर, पिता स्वर्गीय सत्तो ठाकुर, निवासी सहरसा के रूप में हुई है। वह जिला परिषद के समीप नाई की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. वरुण ने बताया कि श्याम ठाकुर को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। जांच के दौरान उनकी मौत की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों की जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मृतक के पुत्र गौरव ठाकुर का आरोप है कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे उनके पिता को सहरसा के उप विकास आयुक्त (DDC) के सरकारी आवास पर बाल और दाढ़ी बनाने के लिए बुलाया गया था। करीब 11 बजे परिवार को सूचना मिली कि श्याम ठाकुर सदर अस्पताल में भर्ती हैं। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो उन्हें अपने पिता के निधन की जानकारी मिली।
परिजनों का आरोप है कि DDC आवास से बाहर निकलने के दौरान श्याम ठाकुर अचानक गिर पड़े और उन्हें ठोकर लग गई, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। साथ ही यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि श्याम ठाकुर की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
संवाददाता : इन्द्रदेव जी, सहरसा






