संथाल हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को बोकारो के चास आईटीआई मोड़ स्थित सिद्धू-कान्हू चौक पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल मांझी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोगों ने भाग लेकर संथाल हूल के अमर शहीदों को नमन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत वीर शहीद सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा एवं तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रतनलाल मांझी ने कहा कि संथाल हूल केवल एक विद्रोह नहीं, बल्कि अंग्रेजी शासन और शोषण के खिलाफ आदिवासी समाज के स्वाभिमान, साहस और स्वतंत्रता की लड़ाई का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सिद्धू-कान्हू ने अपने संघर्ष और बलिदान से पूरे देश को अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा दी। आज की युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो के अद्वितीय बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन वीर सपूतों ने अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में हमेशा दर्ज रहेगा। उनका त्याग और बलिदान झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने सामाजिक एकता, आदिवासी अस्मिता की रक्षा तथा शहीदों के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम पूरे समय श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति के माहौल में संपन्न हुआ।
संवाददाता : चंदन सिंह बोकारो







