भागलपुर पुलिस ने सबौर थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान लापता हुए रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के जवान धर्मेंद्र कुमार हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ट्रेन में चोरी का विरोध करने की वजह से अपराधियों ने जवान का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी थी। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।
विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 27 मई 2026 को आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन कुमार के आवेदन पर सबौर थाना में जवान धर्मेंद्र कुमार के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। इसी दौरान शंकरपुर पुल के समीप एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान बाद में लापता आरपीएफ जवान धर्मेंद्र कुमार के रूप में हुई।
घटना के खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय अनुसंधान के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि ट्रेन में सक्रिय अपराधी चोरी की घटना को अंजाम दे रहे थे, जिसका जवान धर्मेंद्र कुमार ने विरोध किया था। इसी विरोध से नाराज अपराधियों ने पहले उनका अपहरण किया और बाद में हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी चिकु यादव, निवासी लैलख, थाना सबौर को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर मृत जवान की वर्दी का बेल्ट, कोड तथा जला हुआ कपड़ा बरामद किया गया है, जिसे पुलिस महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही है।
डीएसपी नवनीत कुमार ने बताया कि हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में शामिल सभी अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के मुताबिक कड़ी सजा दिलाई जाएगी।