पटना: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी पटना के ऐतिहासिक देवीपद शहीद स्मारक (मिलर) उच्च माध्यमिक विद्यालय को राज्य का पहला मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं विद्यालय का दौरा कर इसे गोद लेने की घोषणा की है।
सरकार की योजना है कि मिलर हाई स्कूल को आधुनिक शिक्षा, डिजिटल तकनीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का उत्कृष्ट केंद्र बनाया जाए। इसके लिए स्कूल प्रशासन से आवश्यकताओं की सूची मांगी गई है और अधिकारियों को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
ब्रिटिश शासनकाल में स्थापित मिलर हाई स्कूल राजधानी के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित सरकारी विद्यालयों में शामिल है। शिक्षा, खेल और सामाजिक गतिविधियों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
प्रस्तावित योजना के तहत स्मार्ट क्लासरूम, एआई लैब, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, बेहतर खेल मैदान, आधुनिक फर्नीचर और उन्नत आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी। साथ ही छात्रों के लिए JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी तथा दक्ष शिक्षकों की व्यवस्था भी की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों से बातचीत कर उनकी जरूरतों को जाना। छात्रों ने स्मार्ट बोर्ड, 3-डी शिक्षण सामग्री, अतिरिक्त शिक्षकों और बेहतर खेल सुविधाओं की मांग रखी।
बीजेपी नेता और विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री करीब डेढ़ घंटे तक विद्यालय परिसर में रहे और हर हिस्से का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि स्कूल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि मिलर हाई स्कूल का यह मॉडल भविष्य में बिहार के अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा बनेगा और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







