मोतिहारी में चीनी मिल की 14 एकड़ जमीन के गलत परिमार्जन मामले में नवपदस्थापित डीएम सौरभ सुमन यादव ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी कृष्णा कुमार श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने तीन अलग-अलग आवेदनों में गलत जांच रिपोर्ट तैयार की, जिसके आधार पर नियमों के विरुद्ध जमीन का परिमार्जन किया गया। हालांकि, सदर डीसीएलआर की सतर्कता से मामले का संज्ञान लिया गया और ऑनलाइन पोर्टल पर किए गए परिमार्जन को शून्य कर दिया गया।
मामले में यह भी चर्चा है कि एक वरिष्ठ अधिकारी के डाटा ऑपरेटर ने “साहब का आदेश है” कहकर राजस्व कर्मचारी पर दबाव बनाया था। इसी दबाव में गलत अनुशंसा किए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन ने इसे कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता और सरकारी सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है। डीएम ने स्पष्ट कहा कि प्रथम दृष्टया कर्मचारी का आचरण भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के विरुद्ध पाया गया है, इसलिए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि के दौरान कृष्णा कुमार श्रीवास्तव का मुख्यालय अरेराज अंचल कार्यालय निर्धारित किया गया है और नियमानुसार उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता मिलेगा। साथ ही सदर अंचलाधिकारी को 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र तैयार कर विभागीय कार्रवाई के लिए समाहर्ता पूर्वी चंपारण को सौंपने का निर्देश दिया गया है। मामले की विभागीय जांच शुरू हो चुकी है।
मोतिहारी चीनी मिल की विवादित जमीन का मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। डीएम की इस कार्रवाई के बाद पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। अब सभी की नजर विभागीय जांच पर टिकी है कि इस मामले में और किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है और आगे किस पर कार्रवाई होती है।






