मेदिनीनगर (पलामू)। 10वीं मोहर्रम (योमे आशूरा) के अवसर पर मेदिनीनगर के हृदयस्थल छह मुहान स्थित तंजीमुल अंसार कमेटी के पंडाल में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पलामू प्रक्षेत्र के डीआईजी कौशल किशोर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए दी गई अद्वितीय कुर्बानी है। उनका जीवन मानवता के लिए प्रेरणा है और समाज को आपसी भाईचारा, शांति तथा सद्भाव का संदेश देता है।
तंजीमुल अंसार कमेटी के सदर अशफाक अहमद ने कहा कि कर्बला की कुर्बानी आज भी इंसानियत को सच और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जब-जब अन्याय और अत्याचार बढ़ेगा, तब-तब इमाम हुसैन की शहादत लोगों को हक और इंसाफ के लिए आवाज उठाने का साहस देती रहेगी। उन्होंने लोगों से इमाम हुसैन के जीवन से सब्र, हिम्मत और मानवता का संदेश ग्रहण करने की अपील की।
सम्मान समारोह में जनरल खलीफा जीशान खान, समाजसेवी मुमताज खान, गुलाम गौस उर्फ गुड्डू खान, शहरयार अली, मोनू राईन, दीपू चौरसिया, बंजारी मुखिया, अजमल अंसारी, मुन्ना खान, मोहम्मद जिलानी, शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार, डॉ. नौशाद अहमद, डॉ. कादिर परवेज और असफर रब्बानी समेत कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान मुहर्रम जुलूस में शामिल लोगों की सुविधा के लिए पेयजल, शरबत, शिरनी वितरण और इफ्तार की व्यवस्था की गई। इसके अलावा पंडाल में आपातकालीन चिकित्सा केंद्र भी स्थापित किया गया, जहां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाएं, मरहम-पट्टी और एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध रही।
कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद अनवर आलम ने किया। इस अवसर पर तंजीम के पदाधिकारियों, समाज के गणमान्य लोगों एवं सैकड़ों हुसैनी भाइयों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य और सफल बनाया।
संवाददाता : सत्यम शुक्ला






