मुजफ्फरपुर : बिहार के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र में लव मैरिज से जुड़े मामले ने अब खौफनाक मोड़ ले लिया है। सुजाता कुमारी की हत्या मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विशेष जांच टीम (SIT) की पूछताछ में नामजद आरोपी अभिषेक कुमार ने स्वीकार किया है कि 8 मई को परिवार के सदस्यों ने मिलकर सुजाता की गला दबाकर हत्या कर दी थी और बाद में शव को बूढ़ी गंडक नदी किनारे ले जाकर जला दिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष की शुरुआत में 11 फरवरी को पुलिस ने सुजाता और गौरीशंकर कुमार को हरियाणा से बरामद किया था। उस समय युवती के परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था। अदालत में सुजाता ने बयान दिया था कि वह बालिग है और उसने अपनी मर्जी से शादी की है। इसके बावजूद गौरीशंकर को जेल भेज दिया गया था, जबकि सुजाता को उसके रिश्तेदारों के पास रखा गया।
बाद में होली के दौरान सुजाता अपनी मां के साथ घर चली गई थी। इसके बाद मार्च के बाद से वह अचानक लापता हो गई। जेल से बाहर आने के बाद गौरीशंकर लगातार पत्नी से संपर्क करने की कोशिश करता रहा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। 31 मार्च को दोनों की आखिरी बार बातचीत हुई थी।
इसके बाद गौरीशंकर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पत्नी की हत्या की आशंका जताई थी और न्याय न मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी भी दी थी। इसी पोस्ट के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
जांच के दौरान फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले में पांच से अधिक लोगों की भूमिका सामने आ रही है। डीएसपी अलय वत्स ने बताया कि अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।





