अरवल में प्रेम प्रसंग का अनोखा मामला: मंदिर में रचाई शादी, परिजनों में घंटों विवाद, पुलिस ने संभाली स्थिति

अरवल। जिले के वंशी थाना क्षेत्र स्थित अनुवां गांव में प्रेम प्रसंग का एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। परिवार की असहमति के बावजूद प्रेमी युगल ने मोथा सूर्य मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर अपने रिश्ते को नया नाम दे दिया। हालांकि शादी के बाद मंदिर परिसर में दोनों पक्षों के परिजनों के बीच घंटों तक विवाद और तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

 

Sponsored Advertisement

जानकारी के अनुसार, अनुवां गांव निवासी 21 वर्षीय सिंपी कुमारी और 27 वर्षीय राजकांत कुमार पिछले तीन वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों के बीच गहरा प्रेम संबंध था और वे शादी करना चाहते थे। इसी बीच युवती के परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी, जिससे दोनों ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध जाकर विवाह करने का निर्णय लिया।

 

निर्धारित योजना के तहत प्रेमी युगल मोथा सूर्य मंदिर पहुंचे और वहां वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कर लिया। जैसे ही इस विवाह की सूचना दोनों परिवारों को मिली, वे तत्काल मंदिर परिसर पहुंच गए। इसके बाद वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस, आरोप-प्रत्यारोप और नाराजगी का दौर चलता रहा।

 

स्थिति को बिगड़ता देख स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर वंशी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की सूझबूझ से मंदिर परिसर में उत्पन्न तनाव को शांत कराया गया और किसी बड़े विवाद को टाल दिया गया।

 

इस प्रेम विवाह की घटना अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे प्रेम की जीत के रूप में देख रहे हैं, जबकि कई इसे पारिवारिक परंपराओं और सामाजिक मान्यताओं से टकराव के रूप में समझ रहे हैं।

 

फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।

 

 

  • Related Posts

    भागलपुर में VLCC का नया आउटलेट शुरू, मेयर वसुंधरा लाल ने किया उद्घाटन

    भागलपुर। शहर में सौंदर्य, त्वचा और बालों की देखभाल से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं का एक और विकल्प जुड़ गया है। सैंडिस कंपाउंड के पास पुलिस लेन रोड में VLCC का…

    पूर्णिमा पर अगस्त्यार्घ्य दान के बाद 27 सितंबर से पितृपक्षीय श्राद्ध शुरू, 10 अक्टूबर को होगा समापन

    सहरसा। भाद्रपद पूर्णिमा के अवसर पर 26 सितंबर को अगस्त्यार्घ्य दान के बाद 27 सितंबर, रविवार से पितृपक्षीय पार्वण श्राद्ध का शुभारंभ होगा। वहीं, 10 अक्टूबर को आश्विन अमावस्या के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *