दो दिवसीय दिल्ली दौरे से पटना लौटते ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे सात सर्कुलर रोड स्थित जेडीयू अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पहुंचे। यहां दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट तक अहम बैठक हुई। इस दौरान जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि बैठक में बिहार विधान परिषद चुनाव और एनडीए के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक सम्राट चौधरी ने दिल्ली दौरे के दौरान हुई एनडीए नेताओं की बैठकों की जानकारी भी नीतीश कुमार को दी। इससे पहले नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी से सरकार के कामकाज की रिपोर्ट मांगी थी, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई थीं। ऐसे में सम्राट चौधरी की यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है।
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला लगभग तय माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार बीजेपी को 4, जेडीयू को 3 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एक-एक सीट उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान की पार्टी के खाते में जा सकती है।
चर्चा यह भी है कि मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजा जाएगा, क्योंकि वे फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। वहीं नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी विधान परिषद भेजे जाने की तैयारी चल रही है। निशांत अभी स्वास्थ्य मंत्री हैं और किसी सदन के सदस्य नहीं हैं।
गौरतलब है कि 18 जून को बिहार विधान परिषद की 9 सीटों और एक रिक्त सीट पर उपचुनाव होना है। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से एनडीए की 9 सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि एक सीट आरजेडी के खाते में जा सकती है।
पटना लौटने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों से भी मुलाकात की। दिल्ली में आयोजित रात्रि भोज में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, गिरिराज सिंह और बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद समेत एनडीए के कई बड़े नेता शामिल हुए।