बिहार के चर्चित बाहुबली नेता और अनंत सिंह से जुड़े आर्म्स एक्ट मामले में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। गोपालगंज पुलिस द्वारा दर्ज इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच अब CID करेगी। एसपी विनय तिवारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि केस डायरी और सभी संबंधित दस्तावेज आधिकारिक रूप से CID को सौंप दिए गए हैं। अब CID इस पूरे मामले की नए सिरे से जांच करेगी।
दरअसल, पूरा मामला मई महीने की शुरुआत का है। गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गांव में आयोजित एक जनेऊ कार्यक्रम में मोकामा विधायक अनंत सिंह शामिल हुए थे। इसी दौरान कथित तौर पर उनके समर्थकों द्वारा हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन किया गया था। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
वीडियो के आधार पर मीरगंज थाना में अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान गोपालगंज पुलिस ने हथियारों की बैलिस्टिक जांच और लाइसेंस सत्यापन के लिए अनंत सिंह को 15 मई तक उपस्थित होने का नोटिस जारी किया था।
हालांकि तय समय सीमा के भीतर न तो विधायक और न ही उनके समर्थक हथियारों और दस्तावेजों के साथ पुलिस के सामने पेश हुए। इसके बाद पुलिस ने मामले को और गंभीर मानते हुए एफआईआर में दो नई संगीन धाराएं जोड़ने के लिए स्थानीय अदालत में अर्जी दाखिल की।
अब जांच CID को सौंपे जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। दूसरी ओर गोपालगंज की विशेष MP-MLA कोर्ट में 30 मई को अनंत सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। ऐसे में एक तरफ CID सबूतों को नए सिरे से खंगालने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ कोर्ट के फैसले पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं।