बोकारो: जिले के चंद्रपुरा प्रखंड स्थित अलारगो प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाली पांच छात्राओं की जंगली फल खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। सभी बच्चियों को तत्काल इलाज के लिए फुसरो स्थित बेरमो अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, भंडारीडीह के फुलवारी टोला की रहने वाली पांच बच्चियां खेल-खेल में किसी जंगली फल का सेवन कर बैठीं। फल खाने के कुछ ही देर बाद उन्हें उल्टी, बेचैनी और असहजता की शिकायत होने लगी। बच्चियों की हालत बिगड़ती देख परिजनों ने बिना देर किए उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल बेरमो पहुंचाया।
बीमार हुई छात्राओं में कृतिका कुमारी, नीतू कुमारी, रोनित कुमारी, सिमरन कुमारी और अंजलि कुमारी शामिल हैं। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने सभी बच्चियों का प्राथमिक उपचार शुरू किया और उन्हें निगरानी में रखा गया।
बच्चियों का इलाज कर रहे डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल सामान्य और स्थिर है। किसी भी बच्ची की हालत गंभीर नहीं है तथा सभी खतरे से बाहर हैं। एहतियात के तौर पर उन्हें रातभर चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा ताकि किसी प्रकार की जटिलता उत्पन्न न हो।
डॉ. जितेंद्र कुमार ने अभिभावकों से अपील की है कि विशेष रूप से बरसात के मौसम में बच्चों पर नजर रखें और उन्हें किसी भी अनजान या जंगली फल एवं पौधों का सेवन करने से रोकें। उन्होंने कहा कि कई बार जंगली फल जहरीले या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं, जिससे बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ सकती है।
घटना के बाद क्षेत्र में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि बच्चों को बिना पहचान वाले फल, बीज या पौधों के सेवन से दूर रखें ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
संवाददाता : चंदन सिंह, बोकारो





