जहानाबाद: बिहार के जहानाबाद में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब पुलिस के जवान भी सुरक्षित नहीं हैं। नगर थाना में तैनात टाइगर मोबाइल जवान धनेश्वर यादव की हत्या कर शव दरधा नदी में फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जवान का शव शनिवार को काको थाना क्षेत्र के नदियावां गांव के समीप नदी से बरामद किया गया। इस घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, पुलिसकर्मियों में शोक की लहर है।
दरअसल, गुरुवार की देर शाम टाइगर मोबाइल जवान धनेश्वर यादव नगर थाना क्षेत्र के एसएस कॉलेज इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ छापेमारी करने निकले थे। इसी दौरान वे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। जवान के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुट गईं। लगातार खोजबीन के बाद शनिवार को उनका शव दरधा नदी से बरामद किया गया। मृतक जवान मूल रूप से आरा जिले के रहने वाले थे।
घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस के बड़े अधिकारी
शव बरामद होने की सूचना मिलते ही मगध रेंज के आईजी विकास वैभव, एसपी कोटा किरण कुमार, एएसपी मनोज पांडेय और एसडीपीओ अनिकेत कुमार द्विवेदी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने मौके से जवान का सरकारी पिस्टल, मोबाइल फोन और पर्स बरामद किया है।
चार आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि टाइगर मोबाइल जवान की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। जवान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, घटना में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि जवान की हत्या के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और इस वारदात को किस वजह से अंजाम दिया गया।





