सहरसा। जिले में बकाया मोटर वाहन टैक्स और लंबित ई-चालान का भुगतान नहीं करने वाले वाहन मालिकों की अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे वाहन मालिकों के खिलाफ सख्ती बरतने का फैसला लिया है। इसके तहत जिला परिवहन कार्यालय की ओर से प्रतिदिन विशेष वाहन जांच अभियान चलाया जाएगा। जांच के दौरान बकाया टैक्स और ई-चालान पाए जाने पर संबंधित वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वाहनों को जब्त भी किया जा सकता है।
इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत कुमार बरनवाल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि लंबित ई-चालान का भुगतान नहीं करने वाले वाहनों की ऑनलाइन परिवहन सेवाएं बाधित की जाएंगी। ऐसे वाहनों को वाहन सॉफ्टवेयर पर ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। इसके बाद वाहन मालिकों को आरसी नवीनीकरण, फिटनेस प्रमाण पत्र, स्वामित्व हस्तांतरण सहित अन्य ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।
वहीं, बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई भी की जाएगी। विशेष जांच अभियान के दौरान वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फिटनेस और बकाया मोटर वाहन टैक्स से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में मिलेगी 50 प्रतिशत तक छूट
वाहन मालिकों को राहत देने के उद्देश्य से 12 दिसंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें पात्र लंबित ई-चालान के मामलों में निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिल सकेगा। इससे वाहन मालिकों को अपने पुराने चालान का भुगतान करने का अवसर मिलेगा।
जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत कुमार बरनवाल ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय रहते बकाया टैक्स और ई-चालान का भुगतान कराएं तथा अपने वाहनों के सभी जरूरी कागजात अपडेट रखें।
उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने की अपील की। साथ ही अभिभावकों से कहा कि वे कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए परिवहन विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा।






