बिहार के सिवान से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सिवान कोर्ट से राहत मिली है। करीब 15 साल पुराने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है। बीमारी के कारण लगातार अदालत में पेश नहीं हो पाने का हवाला उनके वकील की ओर से दिया गया था। इससे पहले कोर्ट ने पेशी के लिए वारंट और इश्तेहार भी जारी किया था। शुक्रवार को लालू यादव अदालत में पेश हुए, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई। जमानत की खबर मिलते ही कोर्ट परिसर के बाहर समर्थकों की भीड़ जुट गई।
दरअसल, पूरा मामला वर्ष 2011 का है। उस समय दरौंदा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन लालू प्रसाद यादव निर्धारित समय के बाद पहुंचे थे। आरोप है कि चुनाव प्रचार का समय समाप्त होने के बावजूद उन्होंने मंच से माइक के जरिए लोगों को संबोधित किया था। इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस केस में तत्कालीन विधानसभा प्रत्याशी परमेश्वर सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। हालांकि, उनकी मृत्यु हो चुकी है और उनका नाम मामले से हटा दिया गया है।
यह मामला सिवान न्यायालय में एसीजेएम-1 की एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित था। लगातार अदालत में गैरहाजिर रहने के कारण लालू यादव के खिलाफ वारंट और इश्तेहार जारी किया गया था। इसके बाद शुक्रवार को वह अदालत में पेश हुए।
लालू यादव के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि बीमारी के कारण वह लगातार पेश नहीं हो पा रहे थे। वकील ने यह भी दलील दी कि चुनाव प्रचार के दौरान उनका जानबूझकर आचार संहिता का उल्लंघन करने का इरादा नहीं था। अदालत ने उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए जमानत दे दी।
फिलहाल, करीब 15 साल पुराने इस मामले में जमानत मिलने के बाद लालू यादव को राहत मिली है। कोर्ट परिसर में उनके समर्थकों की भीड़ देखी गई।






