सहरसा नगर निगम में नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा के निलंबन को लेकर लगातार दूसरे दिन तालाबंदी और पार्षदों का विरोध जारी रहा। इसी बीच भारती मंडन सरोवर, न्यू कॉलोनी में गंगा उत्सव 2026 के अवसर पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। खास बात यह है कि यही वह पोखर है, जिसे लेकर नगर आयुक्त के निलंबन का मामला चर्चा में आया था। अब उसी स्थान पर सरकारी स्तर पर गंगा आरती के आयोजन को लेकर शहर में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
**जिस पोखर पर विवाद, वहीं गंगा आरती का आयोजन**
जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 4 नवंबर को भारती मंडन सरोवर में गंगा उत्सव 2026 के तहत गंगा आरती का शुभारंभ उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम से पहले वैदिक मंत्रोच्चारण हुआ। इसके बाद शंखनाद, दीपों की जगमगाहट और भक्ति संगीत के बीच गंगा आरती संपन्न हुई।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता निशांत, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्रेयांस तिवारी, उप नगर आयुक्त और कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
**गंगा किनारे नहीं, पोखर पर गंगा आरती!**
आमतौर पर गंगा आरती गंगा नदी के तट पर आयोजित की जाती है, लेकिन सहरसा में जिस स्थान पर यह आयोजन हुआ, वह न तो गंगा नदी का किनारा है और न ही वहां मां गंगा का मंदिर होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर आयोजन की अवधारणा, उद्देश्य और खर्च को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
**नगर आयुक्त के निलंबन से जुड़ रहा आयोजन**
नगर आयुक्त के निलंबन को लेकर पहले से ही पार्षदों में नाराजगी है। अब उसी पोखर पर गंगा आरती के आयोजन ने विवाद को और चर्चा में ला दिया है। शहर में हो रहे कुछ आयोजनों और उनके खर्च को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं तथा पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, आयोजन में किसी वित्तीय अनियमितता या घोटाले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में प्रशासन को आयोजन के उद्देश्य, बजट और खर्च का विवरण सार्वजनिक कर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।





