भोजपुर जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र में 19,250 कारतूस बरामदगी मामले में पुलिस ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। इस बार पुलिस ने सुपौल जिले से अनिल राउत उर्फ लालू को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या छह हो गई है। मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार दंपती से पूछताछ के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। फिलहाल पुलिस अवैध कारतूस तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी है।
**मुजफ्फरपुर में गिरफ्तार दंपती से मिला सुराग**
कोईलवर थानाध्यक्ष सुशांत कुमार मंडल के अनुसार, मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार आरिफ अंसारी और उसकी पत्नी साजिदा खातून से पूछताछ के दौरान अनिल राउत उर्फ लालू के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने सुपौल में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। अनिल राउत सुपौल जिले के बिहपुर थाना क्षेत्र स्थित आई टाइप कॉलोनी, मकान संख्या 12 का निवासी बताया जा रहा है।
**वाहन से बरामद हुए थे 19,250 कारतूस**
गौरतलब है कि सोमवार को कोईलवर थाना क्षेत्र के मनभावन मोड़ के समीप भोजपुर पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक वाहन की जांच के दौरान 19,250 कारतूस और एक लोडेड पिस्टल बरामद की थी। इस दौरान कुख्यात चंदन समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर मुजफ्फरपुर से आरिफ अंसारी और उसकी पत्नी साजिदा खातून को गिरफ्तार किया गया। अब इसी कड़ी में सुपौल से अनिल राउत की गिरफ्तारी हुई है।
**पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़ रहे तस्करी के तार**
प्रारंभिक पूछताछ में कारतूस की बड़ी खेप पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाकर मुजफ्फरपुर में खपाने की योजना सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। कारतूस की आपूर्ति, खरीद और वितरण से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य पूरे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करना है, ताकि अवैध कारोबार में शामिल सभी आरोपितों तक पहुंचा जा सके।





