2 जुलाई तक मौसम विभाग का अलर्ट
बिहार में तेज आंधी-बारिश के दौरान ठनका गिरने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. बुधवार को व्रजपात से कुल 23 लोगों की मौत हो गई थी. जिसमें सारण जिले की एक नवजात बच्ची भी शामिल थी. आज यानी गुरुवार को भी मौसम विभाग ने बिहार में भारी वर्षा की चेतावनी दी है.
पटनाः बिहार में मानसून के शुरू होते ही भारी बारिश और व्रजपात ने लोगों पर सितम ढाना शुरू कर दिया है. बीते दो दिनों में वज्रपात गिरने से कई लोगों की मौत हो गई. दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण बिहार के ज्यादातर जिलों में वर्षा हो रही है. वहीं, मौसम विभाग ने गुरुवार को भी बिहार में भारी वर्षा की चेतावनी दी है. इस दौरान वज्रपात की भी संभावना है.
दो जुलाई तक भारी बारिश की संभावनाः मौसम विभाग के अनुसार दो जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर जिले के कुछ भागों में दो से तीन घंटे में मध्यम दर्जे की बारिश होगी. इसके साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात के भी आसार हैं. राजधानी पटना में सुबह से ही बारिश हो रही है. वहीं, बीते बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा हुई है. कहीं सड़कें डूब गईं तो कहीं अस्पताल में पानी भर गया. हाजीपुर, दरभंगा, पटना समेत कई जिलों से इसकी तस्वीरें देखने को मिलीं. आज भी प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना है तो कई जिलों में भारी बारिश भी होगी. वज्रपात की भी संभावना है.
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट: आपको बता दें कि मौसम विभाग ने एक दिन पहले ही बिहार के 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. साथ ही लोगों को सलाह दी है कि घर में ही रहे हैं. तेज बारिश के समय पक्के मकान में छिप जाएं. पेड़ और खाली स्थान से दूर रहें. गौरतलब है कि बिहार में मॉनसून शुरू होने के बाद से ही मौसम विभाग लगातार भारी बारिश और तेज हवा के साथ वज्रपात की चेतावनी दे रहा है. विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दो जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है.
बिजली गिरने पर क्या करेंः सिर के बाल खड़े हो जाएं या झुनझुनी होने लगे तो फौरन नीचे बैठकर कान बंद कर लें. यह इस बात का संकेत है कि आपके आस-पास बिजली गिरने वाली है. दोनों पैरों को आपस में सटा लें, दोनों हाथों को घुटनों पर रख कर अपने सिर को जमीन की तरफ जितना संभव हो झुका लें. सिर को जमीन से सटने न दें. जमीन पर कभी न लेटें. पेड़ बिजली को आकर्षित करते हैं, इसलिए पेड़ के नीचे खड़े न हों. समूह में न खड़े रहें, अलग-अलग हो जाएं. जहां हैं, वहीं रहें. हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे-लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें. घर से बाहर हैं तो धातु से बनी वस्तुओं का इस्तेमाल न करें. बाइक, बिजली के पोल या मशीन से दूर रहें. बिजली से चलने वाले उपकरणों से दूर रहें. खिड़कियों, दरवाजे, बरामदे और छत से दूर रहें.
