
झारखंड के धनबाद जिले के सरायढेला स्थित प्रगति नर्सिंग होम में इलाज के दौरान 29 वर्षीय महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान लोयाबाद निवासी मोनी परवीन के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच हाथापाई होने की भी जानकारी सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, मोनी परवीन का करीब डेढ़ महीने पहले पथरी का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद टांके खुलवाने के लिए निर्धारित 45 दिन पूरे होने पर वह सरायढेला स्थित प्रगति नर्सिंग होम पहुंची थीं। परिजनों को उम्मीद थी कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह स्वस्थ होकर घर लौटेंगी, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के बाद डॉक्टर और अस्पताल के अन्य कर्मचारी मौके से नदारद हो गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की सूचना मिलने पर सरायढेला थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अस्पताल परिसर में बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। घटना के बाद कुछ समय तक अस्पताल में तनाव का माहौल बना रहा। परिजन महिला की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यह है कि टांके खुलवाने के लिए अस्पताल पहुंची महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई। क्या इसके पीछे कोई चिकित्सकीय जटिलता थी या इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही बरती गई? इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। मामले में मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने और परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।





