
जमुई, शहर के एक निजी क्लीनिक को जिला प्रशासन द्वारा सील किए जाने के विरोध में जमुई जिले के निजी चिकित्सकों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को निजी चिकित्सकों की टीम सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार के कार्यालय पहुंची और उन्हें आवेदन सौंपकर प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
चिकित्सकों के अनुसार, निजी क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई एकतरफा तरीके से की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इस कार्रवाई से पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) को विश्वास में नहीं लिया गया। इसी मुद्दे को लेकर चिकित्सकों ने प्रशासन के समक्ष अपनी नाराजगी दर्ज कराई और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे जिले के निजी चिकित्सकों की टीम सिविल सर्जन कार्यालय पहुंची। चिकित्सकों ने सिविल सर्जन को लिखित आवेदन देकर सील किए गए निजी क्लीनिक की कार्रवाई पर अपना विरोध जताया। डॉक्टरों ने प्रशासन से पूरे मामले पर पुनर्विचार करने और चिकित्सकों के पक्ष को भी सुनने की मांग की।
वहीं, कार्रवाई के विरोध में IMA जमुई की ओर से 7 अक्टूबर को 24 घंटे के लिए हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान जिले के निजी क्लीनिकों को बंद रखने की बात कही गई है। चिकित्सकों के इस फैसले से बुधवार को जिले में निजी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
चिकित्सकों का कहना है कि प्रशासन को किसी भी निजी चिकित्सा संस्थान के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले संबंधित चिकित्सकों और IMA के प्रतिनिधियों से बातचीत करनी चाहिए। उनका आरोप है कि मौजूदा कार्रवाई में संगठन को विश्वास में नहीं लिया गया, जिसके कारण चिकित्सकों में असंतोष पैदा हुआ है।
इधर, निजी चिकित्सकों की हड़ताल की घोषणा के बाद मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ने की संभावना है। जिले में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए निजी क्लीनिकों पर निर्भर रहते हैं। हालांकि, आवश्यक और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लेकर क्या व्यवस्था रहेगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल निजी क्लीनिक को सील किए जाने के मामले में चिकित्सकों और जिला प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन और IMA के बीच बातचीत से इस विवाद का क्या समाधान निकलता है।





