समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोसड़ा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में करीब चार साल पहले जिस युवक की हत्या कर शव गायब करने का मामला दर्ज हुआ था, वही युवक अब नोएडा में जिंदा मिला है। युवक के जिंदा मिलने की खबर से गांव समेत पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीण उसे लेकर रोसड़ा थाना पहुंचे, जहां उसे जिंदा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
दरअसल, जुलाई 2022 में लालपुर निवासी मदन यादव ने रोसड़ा थाना में आवेदन देकर अपने 20 वर्षीय दिव्यांग और मूक-बधिर पुत्र रवि शंकर कुमार की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाया था। आवेदन में सहदेव पंडित, मुकेश पंडित और दिनेश पंडित पर रवि शंकर से जेसीबी, ट्रैक्टर और आम के बगीचे में काम कराने की बात कही गई थी। आरोप था कि ट्रैक्टर पलटने से रवि शंकर की मौत हो गई, जिसके बाद शव को गायब कर दिया गया।
मामले में ट्रैक्टर चालक छोटू महतो को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने सहदेव पंडित, मुकेश पंडित और छोटू महतो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि दिनेश पंडित ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।
करीब चार साल बाद 2 अक्टूबर को इस मामले में नया मोड़ आया। आरोपित पक्ष के अनुसार, लालपुर निवासी आकाश कुमार नोएडा में मजदूरी करता है। दोपहर करीब तीन बजे सैलून जाते समय उसने एक फल की दुकान पर काम कर रहे युवक को देखा और उसकी पहचान रवि शंकर के रूप में की।
आकाश ने इसकी जानकारी अपने साथियों और पंचायत के मुखिया को दी। इसके बाद ग्रामीण युवक को अपने साथ लेकर रोसड़ा थाना पहुंचे। युवक को जिंदा देखकर थाने में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराने के साथ तत्कालीन थानाध्यक्ष, अनुसंधानकर्ता और डीएसपी की भूमिका की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि युवक रवि शंकर ही है, तो चार साल पहले दर्ज हत्या के मामले की जांच और उसमें हुई कार्रवाई की भी समीक्षा होनी चाहिए।
फिलहाल रोसड़ा पुलिस युवक की पहचान और चार वर्ष पुराने मामले से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






