मोतिहारी के कोटवा थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के बाद मामला गरमा गया है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर मारपीट और 50 हजार रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, कोटवा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार पांडे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सुदीश कुमार को गिरफ्तार किए जाने के समय से ही वह कांप रहा था और उसके साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मामला कोटवा बढ़ावा काला पूर्वी पंचायत के वार्ड नंबर-5 का है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय सुदीश कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, शराब पीने के आरोप में सुदीश को घर से पकड़ा गया था। इसके बाद उसे थाना ले जाया गया और फिर जेल भेज दिया गया। जेल में उसकी तबीयत बिगड़ने पर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मृतक के रिश्तेदार नारद राम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सुदीश से 50 हजार रुपये की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर उसके हाथ-पैर बांधकर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का दावा है कि अस्पताल पहुंचने के दौरान उसके दोनों हाथों में हथकड़ी और पैर में रस्सी बंधी थी और उसका शरीर कांप रहा था। परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, घटना के दिन गांव के चौकीदार सुदीश के घर पहुंचे थे और शराब पीने का आरोप लगाया था। इसके बाद विवाद हुआ और थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे, जहां से सुदीश को गिरफ्तार कर थाना ले जाया गया।
वहीं, थानाध्यक्ष मुकेश कुमार पांडे ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि सुदीश की तबीयत गिरफ्तारी के समय से ही खराब थी। फिलहाल पुलिस और परिजनों के दावों के बीच सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आने की उम्मीद है।






