जामताड़ा। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल जामताड़ा एवं जिला जल एवं स्वच्छता समिति के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को नाला प्रखंड के नतूनडीह में जल जीवन मिशन के तहत जल अर्पण दिवस का प्रमंडलीय स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नतूनडीह मैदान स्थित दालाबड़-महेशमुंडा एवं आसन्न ग्रामीण जलापूर्ति योजना के डब्ल्यूटीपी परिसर में हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, कार्यपालक अभियंता राम प्रवेश राम, प्रखंड प्रमुख कलावती मुर्मू, उप प्रमुख समर माजी एवं पंचायत समिति सदस्य गुलशन अली सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस मौके पर कार्यपालक अभियंता राम प्रवेश राम ने जलसहियाओं को पुराने जलकर की वसूली कर विभाग में जमा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जलकर वसूली में बेहतर प्रदर्शन करने वाली जलसहियाओं को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही नियमित रूप से पेयजल की जांच करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान चार जलसहियाओं ने जल संरक्षण को लेकर गीत प्रस्तुत किया। वहीं किट के माध्यम से पानी की गुणवत्ता की जांच का प्रदर्शन भी किया गया। बताया गया कि 6.5 से 8.5 पीएच मान वाला पानी पीने योग्य माना जाता है।
मुख्य अतिथि डीडीसी असीम किस्पोट्टा ने गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नतूनडीह की जलापूर्ति योजना से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीण नियमित रूप से जलकर का भुगतान कर इस सुविधा का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी पानी नहीं पहुंच रहा है, वहां जल्द ही हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। नाला क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट के माध्यम से पानी की समस्या दूर करने की बात भी कही गई। वर्तमान में इस जलापूर्ति योजना से 32 गांवों में पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
कार्यक्रम में बेहतर जलकर वसूली करने वाली जलसहियाओं को सम्मानित किया गया। पाथरघाटा गांव की जलसहिया मीता दास ने 27 हजार रुपये और भालजुड़िया गांव की गीता मंडल ने 11 हजार रुपये जलकर की वसूली की। दोनों को डीडीसी ने शॉल देकर सम्मानित किया।
मौके पर जिला समन्वयक अनुज कुमार मंडल, जेई राजकुमार, ब्लॉक कॉर्डिनेटर कृष्णा दे, गौरव कुमार झा सहित बड़ी संख्या में जलसहिया और ग्रामीण मौजूद रहे।
रिपोर्ट: संतोष कुमार, जामताड़ा






