
बिहार की राजनीति में इन दिनों मोकामा विधायक अनंत सिंह के बागी तेवर चर्चा का विषय बने हुए हैं। जेडीयू के नेताओं के खिलाफ खुलकर सामने आए अनंत सिंह को लेकर अब सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अनंत सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया है।
प्रशांत किशोर गुरुवार को दरभंगा पहुंचे, जहां उन्होंने कहा कि बिहार की बेहतरी और बदलाव के लिए पूरा समाज जन सुराज के समर्थन में खड़ा है। अगर अनंत सिंह भी इस बदलाव के समर्थन में खड़े हैं, तो उनका स्वागत है। प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या अनंत सिंह जन सुराज के साथ आ सकते हैं।
दरअसल, ‘छोटे सरकार’ के नाम से चर्चित अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन में पहुंचकर अपने तेवर साफ कर दिए हैं। अनंत सिंह लगातार जेडीयू नेता नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं। वहीं, जेडीयू और एनडीए के उम्मीदवार नीरज कुमार पांच अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे।
अनंत सिंह के बागी तेवरों को लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने सात सर्कुलर रोड स्थित आवास पर हाई लेवल बैठक की। बैठक में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद रहे। बैठक में क्या चर्चा हुई, इस पर नेताओं ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। वहीं, ललन सिंह ने भी पूरे मामले पर अब तक चुप्पी साध रखी है।
खाद्य उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि पार्टी इस मामले को देख रही है और वह बैठक में शामिल नहीं हुए थे, इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं है।
बताया जा रहा है कि अनंत सिंह को मनाने की पहले भी कोशिश हो चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और विधायक दल के नेता श्रवण कुमार के साथ उनकी बैठक हुई थी, जिसमें नीरज कुमार को भी बुलाया गया था। लेकिन इसके बाद भी अनंत सिंह के तेवर नहीं बदले।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में करीब 88 हजार वोटर हैं और मोकामा समेत आसपास के इलाकों में अनंत सिंह का प्रभाव माना जाता है। ऐसे में उनके रुख ने जेडीयू खेमे में सियासी हलचल बढ़ा दी है।





