भागलपुर में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास सह सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया कि अब जन शिकायतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ेगा।
सबौर प्रखंड के मामलखा उच्च विद्यालय और गोराडीह के तरछा दामूचक में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित सहयोग शिविर में मंत्री ने कहा कि सरकार अब जन शिकायत निवारण प्रणाली को पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी बना रही है। उन्होंने बताया कि आवेदन और शिकायतों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी और समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों पर स्वतः कार्रवाई होगी।
मंत्री ने कहा कि यदि किसी आवेदन का 10 दिनों तक निष्पादन नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी को पहली ऑनलाइन चेतावनी मिलेगी। 20वें दिन दूसरी चेतावनी जारी होगी और 25वें दिन अंतिम चेतावनी दी जाएगी। इसके बावजूद यदि 30 दिनों तक मामला लंबित रहता है तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित हो जाएंगे।
कार्यक्रम में सांसद अजय मंडल, नाथनगर विधायक मिथुन कुमार, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, नगर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह और नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर गंभीर है और यही कारण है कि सहयोग शिविर को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है।
वहीं जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि सहयोग पोर्टल NIC के माध्यम से लाइव कर दिया गया है, जहां आम लोग खुद भी आवेदन अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि हर महीने के प्रथम और अंतिम मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाए जाएंगे।
अब बिहार में जन शिकायतों को दबाना आसान नहीं होगा, क्योंकि तकनीक की निगरानी में काम करेंगे अधिकारी और लापरवाही पर सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी।


