
सहरसा। जिले में सोनू कुमार हत्याकांड के दो महीने बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। मृतक के पिता रामलखन कामत समेत परिजनों और ग्रामीणों ने कोशी क्षेत्र के उप महानिरीक्षक (DIG) को लिखित आवेदन देकर मामले में कार्रवाई और आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
डीआईजी को दिए आवेदन में रामलखन कामत ने आरोप लगाया है कि उनके 22 वर्षीय पुत्र सोनू कुमार की 30 जुलाई 2026 को साजिश और षड्यंत्र के तहत हत्या कर शव को पोखर नाथ बाबा में फेंक दिया गया। आवेदन में श्यामल पौद्दार, अजीत साह, नीतिश कुमार, आशीष पौद्दार, कुंदन गुप्ता, अरविंद पौद्दार, कंचन साह और अनिल पौद्दार समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है।
आवेदन के अनुसार, घटना के समय रामलखन कामत ने कुछ लोगों को कथित तौर पर वहां से भागते देखा। उन्होंने अपने पुत्र को पोखर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। आवेदन में नाक, कान और मुंह से खून निकलने की बात भी कही गई है।
मृतक के पिता ने घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया है। उनका आरोप है कि जमीन पर कब्जा करने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था और विरोध करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
परिजनों का आरोप है कि घटना के दो महीने बीत जाने के बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका यह भी कहना है कि आरोपियों की ओर से परिवार को दोबारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
परिजनों और ग्रामीणों ने DIG से मामले में हस्तक्षेप कर नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।





