समस्तीपुर। जिले के मोहिउद्दीन नगर क्षेत्र के हरदासपुर इलाके में बाढ़ प्रभावितों के बीच राहत सामग्री बांटे जाने का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के पानी में खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि नाव पर सवार कुछ लोग प्रभावितों के बीच राहत सामग्री के पैकेट फेंकते नजर आ रहे हैं। राहत सामग्री लेने की होड़ में लोगों के बीच अफरा-तफरी जैसी स्थिति भी दिखाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार, मोहनपुर प्रखंड के हरदासपुर इलाके से गुजरने वाली गंगा नदी में पिछले दिनों बाढ़ की स्थिति बनी थी। हालांकि अब नदी का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है और इलाके में हालात सामान्य होने की ओर हैं, लेकिन बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का सिलसिला जारी है।
इसी दौरान सामने आए वीडियो ने राहत वितरण की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। वीडियो में राहत सामग्री लेने के लिए बड़े-बुजुर्गों के साथ बच्चे भी पानी में उतरते दिखाई दे रहे हैं। नाव से राहत के पैकेट पानी में मौजूद लोगों की ओर फेंके जा रहे थे और लोग पानी के बीच जाकर उन्हें पकड़ने का प्रयास कर रहे थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री की जरूरत है और सामाजिक संगठनों समेत कई लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसे में राहत पहुंचाना जरूरी है, लेकिन राहत वितरण के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। लोगों का कहना है कि पानी में उतरकर राहत सामग्री लेने की स्थिति में किसी के फिसलने या गहरे पानी में जाने पर गंभीर हादसा हो सकता था।
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, मोहिउद्दीन नगर क्षेत्र के हरदासपुर, जहींगरा और सरसावा गांव दियारा क्षेत्र में स्थित हैं। बाढ़ के दौरान इन गांवों के चारों तरफ गंगा का पानी फैल जाता है और करीब छह हजार की आबादी प्रभावित होती है। बाढ़ के कारण ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो जाता है।
इसी स्थिति को देखते हुए धरनीपट्टी पश्चिम के मुखिया सह पटोरी मुखिया संघ के अध्यक्ष डोमन राय की ओर से करीब 2,000 परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। स्थानीय स्तर पर राहत कार्य जारी है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद राहत वितरण के दौरान सुरक्षित और व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत पर चर्चा शुरू हो गई है।






