सहरसा: महिषी प्रखंड के राजनपुर पंचायत अंतर्गत चोरनिया गांव निवासी आशीष कुमार ने पंचायत में स्वच्छता अभियान के नाम पर कथित अनियमितता और फर्जी भुगतान किए जाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में वार्ड आमसभा के माध्यम से सफाई कर्मियों की नियुक्ति का प्रावधान है, लेकिन कथित तौर पर बिना आम सहमति के 14 सफाई कर्मियों की नियुक्ति कागजों पर कर दी गई। आवेदक का आरोप है कि पंचायत में एक भी सफाई कर्मी नियमित रूप से काम नहीं कर रहा है, इसके बावजूद मुखिया और पंचायत सचिव द्वारा सफाई कर्मियों के नाम पर भुगतान किया जा रहा है।
आशीष कुमार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में पंचायत में स्वच्छता कार्य के लिए उपलब्ध कराई गई सामग्री को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, पंचायत में 2,293 डस्टबिन, 10 कम्युनिटी डस्टबिन, एक टूल्स एंड ट्रॉली, 32 सेफ्टी किट, एक रिक्शा और 14 पेडल रिक्शा का वितरण किया जाना था।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि डस्टबिन की खरीद के बावजूद लंबे समय तक ग्रामीणों के बीच इसका वितरण नहीं किया गया। आवेदक के मुताबिक, महिषी के पंचायती राज पदाधिकारी को आवेदन देने के बाद अब तक केवल 45 लोगों के बीच डस्टबिन का वितरण किया गया है। उन्होंने पिछले तीन वर्षों से सामग्री का पूर्ण वितरण नहीं होने को गंभीर अनियमितता बताते हुए जांच की मांग की है।
आवेदक ने यह भी आरोप लगाया है कि दिसंबर में बिना स्थल जांच के मामले में केवल कागजी खानापूर्ति कर दी गई। उन्होंने प्रमंडलीय आयुक्त और मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल ये आरोप आवेदक की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्वच्छता कर्मियों की नियुक्ति, भुगतान और सामग्री वितरण में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं। दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।






