हाईकोर्ट के आदेश से झमाडा आश्रितों को बड़ी राहत, 39 लोगों की अनुकंपा नियुक्ति का रास्ता हुआ साफ



धनबाद : झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकरण (झमाडा) के दिवंगत कर्मियों के आश्रितों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रहे आश्रितों को अब न्यायालय से बड़ी सफलता मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने 39 आश्रितों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए झमाडा प्रबंधन को उनकी योग्यता के आधार पर तीन माह के भीतर नियुक्ति देने का निर्देश दिया है।

जानकारी के अनुसार, झरिया और धनबाद क्षेत्र में कार्यरत झमाडा कर्मचारियों की मृत्यु के बाद उनके लगभग 180 आश्रित पिछले चार वर्षों से अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे। इस दौरान कई बार धरना-प्रदर्शन और आंदोलन भी किए गए, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। आश्रितों का आरोप था कि राज्य सरकार के निर्देशों के बावजूद उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई।

न्याय नहीं मिलने पर आश्रितों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने 39 आश्रितों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए झमाडा प्रबंधन को तीन महीने के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद आश्रितों में खुशी की लहर है। मंगलवार को आश्रितों के प्रतिनिधिमंडल ने झमाडा के प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर न्यायालय के आदेश की प्रति सौंपी और जल्द से जल्द बहाली प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

आश्रितों का कहना है कि यह केवल रोजगार का मामला नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के भविष्य और जीवनयापन से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। अब सभी की निगाहें झमाडा प्रबंधन पर टिकी हैं कि वह न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को कितनी शीघ्रता से पूरा करता है। हाईकोर्ट के इस आदेश ने वर्षों से रोजगार की आस लगाए बैठे परिवारों में नई उम्मीद जगा दी है।

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