राज्यकर्मी का दर्जा देने और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर रविवार को सहरसा में डाटा एंट्री ऑपरेटरों एवं आईटी कर्मियों ने रोड मार्च निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के प्रदेशव्यापी आह्वान पर जिला इकाई की ओर से आंबेडकर चौक से भव्य रोड मार्च निकाला गया। इसमें जिले के विभिन्न सरकारी विभागों एवं कार्यालयों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, आईटी सहायक समेत संबंधित कर्मियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
रोड मार्च का नेतृत्व जिलाध्यक्ष नेहा रंजन एवं जिला सचिव नारायण पोद्दार ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी कर्मियों ने हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की। मार्च के दौरान कर्मियों ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार से अपनी लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
मौके पर जिलाध्यक्ष नेहा रंजन एवं जिला सचिव नारायण पोद्दार ने कहा कि डाटा एंट्री ऑपरेटर और आईटी कर्मी लंबे समय से विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकारी कामकाज के डिजिटलीकरण से लेकर विभागीय कार्यों के संचालन तक में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें अब तक राज्यकर्मी का दर्जा और समुचित सेवा सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बनकर काम करने वाले कर्मियों को उचित सम्मान, स्थायित्व और भविष्य की सुरक्षा मिलनी चाहिए। संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांग है कि सभी पात्र डाटा एंट्री ऑपरेटरों, प्रोग्रामरों और आईटी सहायकों को अविलंब राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए।
कर्मियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल नौकरी की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मानजनक सेवा शर्तों और सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ी है। रोड मार्च के दौरान सभी कर्मियों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।





