बिहार के रोहतास जिले के सासाराम स्थित नशा एवं पुनर्वास मुक्ति केंद्र में 24 वर्षीय युवक की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। युवक की मौत से नाराज परिजनों और केंद्र में भर्ती अन्य मरीजों ने केंद्र प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध जताया। परिजनों का आरोप है कि केंद्र में मरीजों के साथ मारपीट की जाती थी, समय पर भोजन नहीं दिया जाता था और इलाज में भी लापरवाही बरती जाती थी। घटना के बाद नशा मुक्ति केंद्र की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
**15 अक्टूबर को केंद्र में कराया गया था भर्ती**
मृतक की पहचान औरंगाबाद जिले के ओबरा स्थित दुर्गा चौक निवासी प्रेम कुमार सोनी के 24 वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार सोनी के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सत्यम शराब, गांजा और ब्राउन शुगर के सेवन का आदी था। उसकी नशे की लत छुड़ाने के लिए परिजनों ने 15 अक्टूबर को उसे सासाराम स्थित नशा एवं पुनर्वास मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। इसी केंद्र में रहने के दौरान उसकी मौत हो गई।
**मारपीट, भोजन और इलाज को लेकर गंभीर आरोप**
युवक की मौत के बाद परिजनों के साथ केंद्र में भर्ती अन्य मरीजों ने भी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप है कि केंद्र में भर्ती युवकों के साथ मारपीट की जाती थी। मरीजों को समय पर भोजन नहीं मिलता था और समुचित चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जाती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपने मरीजों से मिलने नहीं दिया जाता था तथा इलाज के नाम पर बार-बार अतिरिक्त पैसे मांगे जाते थे।
**दाह संस्कार के बाद केंद्र पहुंचे परिजन**
युवक का दाह संस्कार करने के बाद परिजन केंद्र पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। वहीं, केंद्र में भर्ती अन्य मरीजों के परिजन भी अपने बच्चों को वहां से निकालकर घर ले जाने की तैयारी करने लगे।
**केंद्र में करीब 50 मरीज भर्ती**
जानकारी के अनुसार, केंद्र में फिलहाल करीब 50 मरीज भर्ती हैं। प्रति मरीज नशामुक्ति और इलाज के नाम पर 10 हजार रुपये लिए जाने की बात सामने आई है। विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त राशि मांगने का भी आरोप है।
फिलहाल परिजनों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। युवक की मौत के कारणों और केंद्र प्रबंधन की कथित लापरवाही की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।





