मोतिहारी। भोजपुरी के चर्चित गायक और अभिनेता खेसारीलाल यादव तथा उनके राइटर अखिलेश भारद्वाज से जुड़े विवाद में मोतिहारी पुलिस ने चर्चित यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सौरभ मिश्रा को गिरफ्तार किया है। छतौनी थाना की पुलिस ने अखिलेश भारद्वाज की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद सौरभ मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आरोप है कि सौरभ मिश्रा ने सोशल मीडिया पर खेसारीलाल यादव के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके अलावा अखिलेश भारद्वाज ने सौरभ पर गाली-गलौज करने, रंगदारी मांगने और अप्राकृतिक यौनाचार के प्रयास का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सौरभ मिश्रा ने आरोपों को बताया झूठा
गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में सौरभ मिश्रा ने खुद को निर्दोष बताया। उसने दावा किया कि पूरा विवाद रुपये के लेनदेन को लेकर हुआ है। सौरभ के मुताबिक, अखिलेश भारद्वाज ने उससे पैसे लिए थे और वापस मांगने पर उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया। उसने खेसारीलाल यादव के साथ गाली-गलौज करने के आरोप से भी इनकार किया।
सौरभ ने यह भी दावा किया कि पिछले सात-आठ महीनों से उसकी अखिलेश से बातचीत नहीं हुई थी। उसके अनुसार, कुछ दिन पहले अखिलेश ने रात में फोन कर उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। सौरभ ने आरोप लगाया कि प्रभाव का इस्तेमाल कर उसे कानूनी मामले में फंसाया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की पुष्टि की
सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने सौरभ मिश्रा की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि छतौनी थाना की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है। डीएसपी के अनुसार, सौरभ के खिलाफ पहले से भी चार-पांच मामले दर्ज होने की जानकारी है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने भी मीडिया ग्रुप में गिरफ्तारी की पुष्टि की।
पिता ने भी बेटे को बताया बेकसूर
वहीं, सौरभ मिश्रा के पिता ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास कुछ वीडियो और ऑडियो हैं, जिनमें कथित तौर पर अखिलेश भारद्वाज उनके बेटे के साथ गाली-गलौज करते सुनाई देते हैं।
फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों के आरोप और दावे सामने आए हैं। आरोपों की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।






