अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत सहरसा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 82 छात्राओं को सम्मानित किया गया। विकास भवन सभागार में आयोजित सम्मान समारोह का उद्घाटन जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और शिक्षा विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में जिले में एक सप्ताह तक विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इनमें निबंध लेखन, भाषण और विज्ञान परियोजना जैसी प्रतियोगिताएं शामिल थीं। जिले के विभिन्न विद्यालयों के साथ-साथ बीसी-ईबीसी कन्या आवासीय विद्यालयों की छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर कुल 82 छात्राओं का चयन सम्मान के लिए किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अपने विज्ञान प्रोजेक्ट की प्रदर्शनी भी लगाई और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने सभी सम्मानित छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डीएम ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा, खेलकूद और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए समान अवसर मिलना चाहिए। आज लड़कियां पढ़ाई के साथ-साथ हॉकी और क्रिकेट जैसे खेलों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने छात्राओं को निरंतर मेहनत करने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपनी उपलब्धियों से जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
समारोह का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की प्रतिभा को पहचान देना, उन्हें प्रोत्साहित करना और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराना था। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, लिंगानुपात में सुधार लाने तथा महिलाओं के प्रति भेदभाव और हिंसा को रोकने के लिए जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस पहल से छात्राओं को भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने और अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिली।






