
बिहार के सहरसा जिले के बटराहा मोहल्ला निवासी मजदूर बिपिन यादव की पंजाब के गुरदासपुर स्थित एक फैक्ट्री में काम करने के दौरान हादसे में मौत हो गई। शनिवार की सुबह जब उनका शव एंबुलेंस से घर पहुंचा, तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, बिपिन यादव अपने परिवार का भरण-पोषण करने और बेहतर भविष्य की उम्मीद में पंजाब के गुरदासपुर में मजदूरी करने गए थे। वहां एक फैक्ट्री में काम करने के दौरान उनके साथ हादसा हो गया, जिसमें उनकी जान चली गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर के कमाऊ सदस्य की मौत से परिजनों के सामने आर्थिक संकट भी गहरा गया है।
मृतक के परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मशीन के संचालन में लापरवाही और समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं होने के कारण बिपिन यादव की मौत हुई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें समय पर सूचना नहीं दी गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हादसे की वास्तविक वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
इधर, घटना की जानकारी मिलने पर राजद के नेता बिपिन यादव के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। नेताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार से 50 लाख रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की।
राजद नेताओं ने कहा कि बिहार के हजारों मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाते हैं। ऐसे में काम के दौरान किसी मजदूर की मौत होने पर उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। सरकार को ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों की मदद के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। फिलहाल, बिपिन यादव के परिजन न्याय और सरकारी सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं।





