
विजयादशमी के अवसर पर बुधवार की शाम सहरसा कॉलेज मैदान में रावण दहन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक इस आयोजन को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग मैदान में पहुंचे। रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों के दहन के साथ ही रंग-बिरंगी आतिशबाजी से पूरा मैदान गूंज उठा। इस दौरान लोगों में खासा उत्साह और उल्लास देखने को मिला।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग, एडीएम निशांत कुमार, एसडीओ श्रेयांश तिवारी सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी और आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत फीता काटकर की गई। इसके बाद परंपरागत तरीके से रावण दहन किया गया।
रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों में लगाए गए पटाखों की आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रही। आयोजन समिति के अनुसार, तीनों पुतलों में करीब 56 हजार रुपये के पटाखे लगाए गए थे। पुतलों के दहन के दौरान आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी बिखर गई। कार्यक्रम को देखने के लिए पहुंचे बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में काफी उत्साह नजर आया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि विजयादशमी का पर्व धर्म की स्थापना और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इसी संदेश के साथ जिले में विजयादशमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया।
वहीं, पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने कहा कि रावण दहन कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए और सभी ने हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाया। उन्होंने कहा कि विजयादशमी हमें सच्चाई और अच्छाई के मार्ग पर चलने की सीख देती है।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रही। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस आयोजन ने सहरसा में विजयादशमी के उत्सव को यादगार बना दिया।





