बिहारशरीफ। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर गुरुवार को बिहारशरीफ के अस्पताल मोड़ पर महागठबंधन के घटक दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया। नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां जाहिर करते हुए इसे लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
महागठबंधन के नेता सत्येंद्र बिंद ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों का सम्मान करना चुनावी व्यवस्था की जिम्मेदारी है। विपक्ष लगातार चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, इसलिए चुनाव आयोग और सरकार को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
वहीं, माले नेता अरुण यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ न्याय नहीं किया है और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच उठ रहे सवालों का समाधान जरूरी है।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव की प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा कायम रहना बेहद जरूरी है। यदि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का समाधान नहीं किया गया तो महागठबंधन की ओर से आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।
महागठबंधन नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।






