नाला। जामताड़ा जिले के नाला में बुधवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रोश प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बजरंगबली चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया गया। इससे पहले पीडब्ल्यूडी प्रांगण से पैदल आक्रोश रैली निकाली गई, जो नाला बाजार के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए बजरंगबली चौक पहुंची।
रैली में कांग्रेस, सीपीआई और सीपीआई (एम) के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने मतदाता सूची को लेकर चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर आदिवासी, मूलवासी और स्थानीय लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि इससे बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शन में शामिल नेताओं की ओर से लगाए गए।
कांग्रेस के विधानसभा प्रभारी प्रभु मंडल ने कहा कि युवा अब जाग चुका है और वोट के अधिकार की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष समर माजी ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान गरीब, आदिवासी और मूलवासी मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों की जांच की मांग की।
सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता चंडी दास पुरी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं, सीपीआई के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कन्हाई चंद्र मालपहाड़िया ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर आपत्ति जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान गठबंधन के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।






