जहानाबाद में मगही भाषा, मगध के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर मगही चौपाल का आयोजन किया गया। गांधी मैदान स्थित रेडक्रॉस भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मगही भाषा के विकास, प्रचार-प्रसार और मगध की सांस्कृतिक पहचान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में मगध रेंज के आईजी विकास वैभव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
रविवार को आयोजित मगही चौपाल का आयोजन मगहिया समाज आऊ मगही चौपाल परिवार की ओर से किया गया। कार्यक्रम में मगध के इतिहास, संस्कृति, परंपरा और मगही भाषा के संरक्षण को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। चौपाल का उद्देश्य मगही भाषा और मगध की विरासत के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और समाज को एक साझा सांस्कृतिक मंच उपलब्ध कराना रहा।
रविवार को आयोजित मगही चौपाल का आयोजन मगहिया समाज आऊ मगही चौपाल परिवार की ओर से किया गया। कार्यक्रम में मगध के इतिहास, संस्कृति, परंपरा और मगही भाषा के संरक्षण को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। चौपाल का उद्देश्य मगही भाषा और मगध की विरासत के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और समाज को एक साझा सांस्कृतिक मंच उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने कहा कि मगध से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाकर मगही चौपाल का आयोजन करना सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजनों से लोगों के बीच संवाद बढ़ता है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि मगध का इतिहास बेहद समृद्ध और गौरवशाली रहा है। मगध को सही मायने में समझने के लिए यहां के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और भाषा को जानना जरूरी है।
आईजी विकास वैभव ने कहा कि मगही भाषा मगध की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके संरक्षण और विकास के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने खास तौर पर नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि मगध की पहचान और मगही भाषा आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके।
चौपाल में मगही भाषा के विकास, संरक्षण और व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ मगध की ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों के जरिए मगही भाषा और मगध की विरासत को लेकर समाज में जागरूकता पैदा करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।







