पश्चिम चंपारण में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच लौरिया से बीजेपी विधायक विनय बिहारी ने बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त राहत और मुआवजा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए बेतिया समाहरणालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। विधायक गमछा बिछाकर धरने पर बैठ गए और कहा कि जब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद मौके पर आकर बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा नहीं लेते, तब तक वह धरने से नहीं उठेंगे।
दरअसल, मंगलवार को पश्चिम चंपारण में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी को देखते हुए विधायक विनय बिहारी बेतिया समाहरणालय पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों को जिस स्तर पर नुकसान हुआ है, उसके मुताबिक राहत और सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। विधायक ने कहा कि किसानों की फसल, मवेशियों और घरों को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। उनके मुताबिक, अब तक पॉलीशीट के अलावा बहुत कुछ नहीं मिल पाया है।
विधायक ने कहा कि योगापट्टी के दो वार्डों में 185 सूखा राशन के पैकेट बांटे गए हैं, लेकिन इसके अलावा पर्याप्त राहत नहीं मिली है। उन्होंने मांग की कि बाढ़ से हुए नुकसान के आधार पर सहायता राशि को दोगुना किया जाए और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जाए।
विनय बिहारी के मुताबिक, वह करीब चार घंटे तक जिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों से मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने समाहरणालय परिसर में गमछा बिछाकर धरना शुरू कर दिया।
धरने की जानकारी मिलने के बाद बेतिया डीडीसी काजले वैभव नितिन ने विधायक से बातचीत की। हालांकि, विधायक अपनी मांग पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर आएगा तो उसे देखेंगे और अपना गमछा उठाकर तभी जाएंगे, लेकिन तब तक धरना जारी रहेगा, जब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद आकर बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति नहीं देखते।





