कहलगांव/भागलपुर। भागलपुर जिले के कहलगांव सहित विभिन्न प्रखंडों में अनंत चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों, मंदिरों और पूजा स्थलों पर धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। पूजा स्थलों पर भक्ति गीत, मंत्रोच्चार और भगवान अनंत के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कहलगांव क्षेत्र के पश्चिम टोला एकचारी-भोलसर स्थित मां शारदे क्लब की ओर से चांदनी चौक स्थित कीर्तन पंडाल में सामूहिक अनंत पूजा और कथा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने श्रद्धापूर्वक भगवान अनंत की कथा सुनी।
पूजा के दौरान कच्चे सूत से बने 14 गांठ वाले अनंत सूत्र को भगवान अनंत का स्वरूप मानकर पूजा की गई। पूजा और कथा के बाद पुरुष श्रद्धालुओं ने दाहिनी तथा महिलाओं ने बाईं भुजा पर अनंत सूत्र धारण किया। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने मिष्ठान और विभिन्न पकवान ग्रहण कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
अनंत चतुर्दशी व्रत रखने वाले उपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को यह पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार 14 वर्षों तक श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। अनंत सूत्र की 14 गांठों को 14 लोकों का प्रतीक माना जाता है।
सामूहिक पूजा में पंडित बबलू ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान कराया। एकचारी पंचायत की सरपंच रंजना कुमारी यजमान रहीं। वहीं शंकर चौक मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना और सत्यनारायण कथा का आयोजन हुआ। यहां क्षीरसागर में कुश से निर्मित अनंत भगवान की पूजा की गई।
धार्मिक मान्यता के अनुसार अनंत चतुर्दशी का संबंध महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण की सलाह पर पांडवों ने अनंत भगवान का व्रत किया था। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। कहलगांव क्षेत्र में देर तक “ॐ अनंताय नमः” और “भगवान अनंत की जय” के जयघोष गूंजते रहे।





