भागलपुर। शहर में बाढ़ की स्थिति के बीच गंगा स्नान करने पहुंचे एक मासूम की जान उस समय आफत में पड़ गई, जब वह बूढ़ानाथ स्थित मसानी काली मंदिर परिसर के समीप अचानक गहरे पानी में डूबने लगा। बच्चे को डूबता देख मौके पर तैनात SDRF की टीम ने बिना देर किए पानी में छलांग लगा दी और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जवानों की तत्परता से एक परिवार की खुशियां उजड़ने से बच गईं।
जानकारी के अनुसार, गोराडीह प्रखंड के जरलाही गांव निवासी शिवम अपने परिवार के साथ गंगा स्नान करने बूढ़ानाथ पहुंचा था। सीढ़ियों के पास स्नान करने के बाद वह आगे बढ़कर मसानी काली मंदिर के समीप गहरे पानी में चला गया। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में डूबने लगा।
बच्चे को पानी में संकट में देखकर वहां मौजूद SDRF जवानों की नजर उस पर पड़ी। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गहरे पानी में पहुंचकर शिवम को बाहर निकाल लिया। समय रहते हुए किए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन से बच्चे की जान बच गई।
पानी में डूबने के कारण शिवम के पेट में पानी भर गया था। इसके बाद SDRF जवानों ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार शुरू किया। जवानों ने पेट पर दबाव देकर पानी बाहर निकालने का प्रयास किया। उपचार के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार हुआ। इसके बाद उसे सुरक्षित उसके परिजनों के पास पहुंचा दिया गया।
SDRF कर्मी नवीन कुमार ने बताया कि भागलपुर में गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घटने की स्थिति में है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। गंगा अब भी खतरे के निशान से करीब 60 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। ऐसे में लोगों को गहरे पानी में जाने या स्नान के दौरान लापरवाही करने से बचना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बाढ़ और बढ़े जलस्तर के दौरान गंगा किनारे विशेष सावधानी बरतें। गहरे पानी में स्नान करना या मौज-मस्ती करना जानलेवा साबित हो सकता है। शिवम की जान बचाने वाली SDRF की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि संकट के समय सतर्कता और समय पर बचाव कितना महत्वपूर्ण है।






