भागलपुर। जिले में बाढ़ की स्थिति के बीच कई पंचायतों के ग्रामीण अब भी आपदा की मार झेल रहे हैं। इस बीच गोराडीह प्रखंड की उस्तु पंचायत स्थित बाढ़ राहत शिविर में जिला प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। राहत शिविर में भोजन बनाने के लिए राशन उपलब्ध होने के बावजूद जलावन की व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 400 बाढ़ पीड़ितों को दोपहर तक भोजन नहीं मिल सका।
राहत शिविर में मौजूद ग्रामीणों के अनुसार, खाना बनाने के लिए जरूरी राशन तो उपलब्ध था, लेकिन भोजन पकाने के लिए जलावन नहीं होने के कारण खाना समय पर तैयार नहीं हो सका। इसके चलते बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोगों को दोपहर तक भोजन का इंतजार करना पड़ा। मामले की जानकारी मिलने के बाद समाजसेवी छोटू यादव राहत शिविर पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया।
स्थिति को देखते हुए छोटू यादव ने अपने निजी कोष से खाना बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया। गैस सिलेंडर मिलने के बाद राहत शिविर में भोजन बनाने की व्यवस्था शुरू हो सकी और लोगों के लिए खाना तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
राहत शिविर का जायजा लेने के बाद छोटू यादव ने गोराडीह प्रखंड के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कई गांवों में बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। हालांकि, पानी घटने के बाद ग्रामीणों के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। जगह-जगह जमा पानी और गंदगी के कारण इलाकों में बदबू फैलने लगी है।
छोटू यादव ने आशंका जताई कि जलजमाव और गंदगी के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैल सकती हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि प्रभावित गांवों में जल्द से जल्द मेडिकल कैंप लगाए जाएं और संक्रमण की आशंका वाले इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए।
बाढ़ का पानी कम होने के साथ अब प्रशासन के सामने प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था बहाल करने की चुनौती है। ग्रामीणों का कहना है कि राहत सामग्री के साथ-साथ भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि बाढ़ के बाद बीमारी का खतरा न बढ़े।






