भागलपुर: शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों को पूर्णकालिक करने की मांग को लेकर संघर्ष लगातार जारी है। भागलपुर जिला कमेटी के प्रतिनिधियों ने पिछले कुछ दिनों में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कल नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा और आज ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल तथा भाजपा बिहार प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर से मुलाकात कर अपनी मांगों को रखा।
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों की बहाली वर्ष 2022 में हुई थी। उस समय उनका मासिक मानदेय महज 8 हजार रुपये निर्धारित किया गया था। लंबे समय तक मानदेय बढ़ाने की मांग के बाद चुनाव के दौरान इसे बढ़ाकर 16 हजार रुपये किया गया। हालांकि, अनुदेशकों की सबसे प्रमुख मांग अब भी पूरी नहीं हुई है। वे अपनी सेवा को पूर्णकालिक किए जाने की मांग कर रहे हैं।
अनुदेशकों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में उन्हें विद्यालयों में महज दो घंटे या उससे भी कम समय मिलता है। इतने कम समय में बच्चों को खेलकूद का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें अन्य शारीरिक एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों से जोड़ना मुश्किल है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर बच्चों की गतिविधियों और उनके विकास पर पड़ रहा है।
आज ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने अनुदेशकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में संबंधित स्तर पर बातचीत करेंगे और समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
वहीं भाजपा बिहार प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर ने भी अनुदेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह वर्तमान शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगी। मौका मिलने पर मुख्यमंत्री के समक्ष भी उनकी मांग को गंभीरता से रखेंगी।
भागलपुर जिला अध्यक्ष अभय कुमार मिश्रा लगातार इस मांग को लेकर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सिर्फ एक मांग है कि शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों को पूर्णकालिक किया जाए। इससे वे विद्यालय में बेहतर माहौल तैयार कर बच्चों को खेल और अन्य गतिविधियों में आगे बढ़ाने का काम कर सकेंगे।






