सहरसा। बनगांव थाना क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय वासुदेवा में शनिवार को मध्यान्ह भोजन को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब बच्चों को परोसे गए खाने में मरी हुई छिपकली मिलने की बात सामने आई। भोजन खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने करीब दो दर्जन बच्चों के बीमार होने की बात कही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हाई स्कूल वासुदेवा के प्रधानाध्यापक आकाश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मध्य विद्यालय पहुंचे। वहां के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र के साथ मिलकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। मामले की जानकारी शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग को दी गई। साथ ही एंबुलेंस की व्यवस्था के लिए भी सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर बनगांव थाना प्रभारी स्वयं स्कूल पहुंचे और अपनी गाड़ी से कुछ बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस और चिकित्सकों की टीम भी स्कूल पहुंची। बच्चों की जांच और इलाज शुरू किया गया।
मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अनुसार, भोजन की चखने की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी। उनका कहना है कि ऊपर से भोजन खाने के दौरान कोई असामान्य स्थिति नजर नहीं आई, लेकिन भोजन के अंत में मरी हुई छिपकली दिखाई दी। स्कूल में मध्यान्ह भोजन एक एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
मामले की जानकारी मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी श्रेयांश तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि फिलहाल बच्चों का इलाज चल रहा है और अभी प्रभावित बच्चों की संख्या बताना संभव नहीं है।
अब बड़ा सवाल यह है कि बच्चों के भोजन में छिपकली कैसे पहुंची और इस पूरे मामले में लापरवाही किस स्तर पर हुई? प्रशासनिक जांच के बाद ही इसकी तस्वीर साफ होगी।





