बिहार में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक शिक्षा और संस्कारों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी पहल की तैयारी है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर से मुलाकात कर बिहार में शैक्षिक एवं आध्यात्मिक विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।
बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में हुई मुलाकात के दौरान बिहार में शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, नैतिक शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। प्रस्तावित विश्वविद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ वैदिक शिक्षा, विज्ञान, गुरुकुलम, मेडिटेशन सेंटर और आयुर्वेद केंद्र की व्यवस्था किए जाने की योजना है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे संस्थान से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ संस्कार, जीवन-मूल्य और मानसिक संतुलन की शिक्षा भी मिल सकेगी। श्री श्री रविशंकर ने पटना के आसपास शैक्षिक एवं आध्यात्मिक केंद्र विकसित करने का आश्वासन दिया है। इस केंद्र के जरिए गया, गोपालगंज, दरभंगा और भागलपुर पर विशेष फोकस किया जाएगा।
वहीं, आर्ट ऑफ लिविंग और एससीईआरटी के बीच एमओयू करने पर भी सहमति बनी है। संस्था की टीम जल्द पटना आकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समझौता करेगी। इसके तहत राज्य के सभी डायट में शिक्षकों को आर्ट ऑफ लिविंग के पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा।
प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों तक नैतिक शिक्षा और जीवन-मूल्यों से जुड़े पाठ्यक्रम पहुंचाएंगे। इसकी शुरुआत मॉडल स्कूलों से होगी और बाद में इसे अन्य स्कूलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
हर शनिवार ‘नो बैग डे’ पर स्कूलों में आर्ट ऑफ लिविंग की गतिविधियों और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने की भी योजना है। शिक्षा मंत्री ने श्री श्री रविशंकर को सिद्धपीठ थावे आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने अगले वर्ष बिहार आने की सहमति के साथ स्वीकार किया।






