औरंगाबाद: जन सुराज के नव निर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर का गुरुवार शाम औरंगाबाद में नागरिक अभिनंदन किया गया। लेकिन कार्यक्रम के दौरान अचानक बिजली गुल होने और जेनरेटर के भी चालू नहीं होने से पूरा माहौल बिगड़ गया। अंधेरा छाने के बाद अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और आखिरकार प्रशांत किशोर को अपना संबोधन बीच में ही छोड़कर बाहर निकलना पड़ा।
कार्यक्रम का आयोजन नगर परिषद औरंगाबाद के नियंत्रण वाले सम्राट अशोक सभागार में किया गया था। प्रशांत किशोर मंच से लोगों को संबोधित कर ही रहे थे कि अचानक बिजली चली गई। काफी देर तक जेनरेटर चालू होने का इंतजार किया गया, लेकिन जेनरेटर भी नहीं चल सका। इसके बाद प्रशांत किशोर सभा छोड़कर बाहर निकल आए और खुले में मीडिया से बातचीत की। इसके बाद वे पटना के लिए रवाना हो गए।
अंधेरे का फायदा उठाकर पॉकेटमार सक्रिय
बिजली गुल होने के बाद सभागार में अंधेरा छा गया। आरोप है कि इसी अंधेरे का फायदा उठाकर पॉकेटमारों ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की जेब पर हाथ साफ कर दिया। रफीगंज विधानसभा सीट से जन सुराज के प्रत्याशी रहे विकास कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह का महंगा मोबाइल फोन भी चोरी हो गया।
अधूरे भाषण से कार्यकर्ताओं में निराशा
प्रशांत किशोर के पूरा भाषण दिए बिना लौटने से समर्थकों और कार्यकर्ताओं में निराशा देखने को मिली। लोग उनका संबोधन सुनने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे थे।
डस्टबिन घोटाले पर सरकार से सवाल
सभा के दौरान प्रशांत किशोर ने डस्टबिन घोटाले को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी पर घोटाले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है, वह तेजस्वी यादव और मंगल पांडेय के स्वास्थ्य मंत्री रहने के दौरान भी पद पर था और अब भी सेवा में है। उन्होंने दोनों नेताओं से इस मामले में सफाई देने की मांग की।
चिराग-मांझी से मंत्री पद छोड़ने की मांग
आरक्षण पुनरीक्षण को लेकर चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच चल रहे विवाद पर प्रशांत किशोर ने कहा कि दोनों नेताओं को पहले सरकार से बाहर आना चाहिए और उसके बाद अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने एक मंत्री को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की और कहा कि ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।





